मिथिला पंचांग

मैथिली पंचांग सौर कैलेंडर से अलग है। नया साल मेष संक्रांति (जुड़ शीतल) से शुरू होता है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026
🪔आज का पंचांग🪔
मासमाघ
तिथिPanchami (पंचमी)
नक्षत्रPurva Phalguni (पूर्वा फाल्गुनी)
पक्षकृष्ण (कृष्ण पक्ष)
योगAyushman (आयुष्मान)
करणVanija (वणिज)
🌅
सूर्योदय: 06:45 AM
🌇
सूर्यास्त: 05:20 PM
⚠️अशुभ समय
राहु काल1:21 PM - 2:41 PM
यमगण्ड8:04 AM - 9:23 AM
गुलिक काल10:43 AM - 12:02 PM

बारह महीने

  • बैशाखअप्रैल - मई
  • जेठमई - जून
  • असाढ़जून - जुलाई
  • साओनजुलाई - अगस्त
  • भादोअगस्त - सितंबर
  • आसिनसितंबर - अक्टूबर
  • कातिकअक्टूबर - नवंबर
  • अगहननवंबर - दिसंबर
  • पूसदिसंबर - जनवरी
  • माघजनवरी - फरवरी
  • फगुनफरवरी - मार्च
  • चैतमार्च - अप्रैल

महत्व

कैलेंडर कृषि, त्योहारों और शादियों के लिए तारीखें तय करता है। मिथिला में 'सौराठ सभा' की एक अनूठी प्रणाली है, जहाँ 'पंजी प्रबंध' (वंशावली रिकॉर्ड) के आधार पर शादियों पर बातचीत की जाती है, जिसे अक्सर पंचांग के खिलाफ देखा जाता है।


संरचना

यह एक चंद्र-सौर कैलेंडर है। तिथियों की गणना चंद्रमा की स्थिति के आधार पर की जाती है। हालाँकि, नया साल (जुड़ शीतल) सौर है, जो मेष राशि में सूर्य के प्रवेश को दर्शाता है।

विशिष्ट विशेषताएँ

  • उष्णकटिबंधीय सौर

    कई चंद्र-सौर कैलेंडरों के विपरीत, मैथिली वर्ष 'मेष संक्रांति' (मध्य अप्रैल) से शुरू होता है, जो सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ मेल खाता है।

  • ज्योतिषीय सटीकता

    यह 'सौराठ सभा' के लिए सटीक समय निर्धारित करता है, जहां 'पंजी' (वंशावली रिकॉर्ड) के आधार पर विवाह तय किए जाते हैं।

प्रमुख त्यौहार २०२६ & शुभ विवाह मुहूर्त २०२६

शुभ विवाह मुहूर्त २०२६ की पूर्ण सूची
जन॰
14

तिला संक्रांति

मकर संक्रांति - तिल और चूड़ा-दही का सेवन।

जन॰
22

सरस्वती पूजा

बसंत पंचमी - विद्या की देवी की पूजा।

अप्रैल
15

जुड़ शीतल

मैथिली नव वर्ष - बासी पानी छिड़क कर आशीर्वाद।

अग॰
15

मधुश्रावणी

नवविवाहित महिलाओं का त्यौहार।

सित॰
15

चौरचन

चंद्रमा की पूजा और फल-दही का अर्घ्य।

अक्टू॰
03

जितिया व्रत

संतान की लंबी आयु के लिए कठिन निर्जला व्रत।

अक्टू॰
25

कोजागरा

लक्ष्मी पूजा और नव-विवाहितों का उत्सव।

नव॰
15

छठ पूजा

महापर्व - सूर्य देव को अर्घ्य देना।

नव॰
24

सामा चकेवा

भाई-बहन के प्रेम का उत्सव।

दिस॰
14

विवाह पंचमी

राम और सीता की विवाह वर्षगांठ।