प्राचीन ऋषि और दार्शनिक

महर्षि गौतम

'न्याय सूत्र' के रचयिता और न्याय दर्शन के संस्थापक। मिथिला में उनके कार्य ने भारतीय विश्लेषणात्मक दर्शन और औपचारिक तर्क की बौद्धिक नींव रखी।