प्राचीन ऋषि और दार्शनिक

महर्षि याज्ञवल्क्य

'बृहदारण्यक उपनिषद' के प्राथमिक दार्शनिक और 'याज्ञवल्क्य स्मृति' के रचयिता। वे राजा जनक के दरबार के प्रमुख विद्वान थे।