शक्ति पीठ (आध्यात्मिक केंद्र)
उग्रतारा स्थान
📍 महिषी, सहरसा

सहरसा जिले के महिषी गाँव में स्थित उग्रतारा स्थान, मिथिला के सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली तांत्रिक पीठों में से एक है। यह मंदिर देवी तारा को समर्पित है, जो दस महाविद्याओं में से एक हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ सती का 'बायां नेत्र' गिरा था। यह स्थल दार्शनिक मंडन मिश्र और आदि शंकराचार्य के ऐतिहासिक शास्त्रार्थ का गवाह रहा है, जहाँ मिश्र की पत्नी भारती ने शंकराचार्य को पराजित किया था। मंदिर में माँ तारा की नीले पत्थर की एक अत्यंत प्रभावशाली मूर्ति है, जो शांति और शक्ति का अनूठा संगम है। यहाँ की 'शक्ति' इतनी प्रबल मानी जाती है कि दूर-दूर से साधक अपनी आध्यात्मिक सिद्धि के लिए यहाँ आते हैं।
योगदानकर्ता
✍️Mithilalegacy Team

