लोककथा आ ज्ञान

मिथिला क मौखिक परंपरा सब बुद्धि, विनोद आ प्राचीन ज्ञान क गप्प सब सँ जीवित अछि।

गोनू झा: मिथिला क परिहास-मर्मज्ञ

गोनू झा अपन तीक्ष्ण बुद्धि आ विनोद लेल प्रसिद्ध छलाह। अक्सर बीरबल वा तेनाली राम सँ तुलना कयल जायत छन्हि, हुनक खिस्सा सब केवल हँसये नहि छै, बल्कि गहीर सामाजिक ज्ञान सेहो दै छै।

पावनि कथा (Legends)

उगना महादेव (विद्यापति जी)

किस्सा ई अछि जे विद्यापति बाबाजी क भक्ति देखिकय महादेव स्वयं 'उगना' बनि क हुनक चाकरी केलनि। मुदा जहिया भेद खुलल, उगना ओतहि अंतर्ध्यान भ गेलाह। भवानीपुर क मंदिर एहि बातक गवाह अछि।

अहिल्या उद्धार

गौतम ऋषि के श्राप सं पाथर बनल अहिल्या, अहिल्या स्थान (दरभंगा) में राम जी क बाट जोहि रहल छली। प्रभु राम क चरण पड़ला सं हुनक उद्धार भेल।

Famous Tales

बिलेर आ दूध

एक बेर गोनू झा सँ सिद्ध करय लेल कहल गेलनि जे सब बिलेर दूध पसंद नहि करैत अछि। ओ एकटा बिलेर कें खौलैत दूध द देलखिन। बिलेर क जीभ जरि गेल आ ओ फेर कहियो दूध नहि छुयलक। जखन राजा देखलनि, त गोनू झा कहलनि, 'देखू, आदत सिखल जायत छै, जन्मजात नहि होइ छै।'

चोर आ पोखरि

गोनू झा क घर मे चोर घुसि आयल। ई जनितहुँ, ओ जोर सँ अपन कनिया कें कहलनि, 'हम सब सोना पोखरि मे नुका देलियै हय।' चोर सब रति भरि पोखरि उलीचैत रहल। भोर धरि ओ सब थाकि गेल छल आ पकड़ा गेल, जखन कि गोनू झा निचिंत सुतल रहलाह।

लोक देवता (माटिक लाल)

मिथिला केवल राज-दरबार क नहि, बल्कि आम जन-जीवन क नायकों क सेहो भूमि अछि। ई लोक गाथा सब न्याय, वीरता आ सामाजिक समरसता क प्रतीक थिक।

राजा सलहेश

दुसाध समुदाय क कुल देवता आ मिथिलाक रक्षक। राजा सलहेश क गाथा प्रेम, त्याग आ वीरता क बेजोड़ उदाहरण अछि। कुसुमा मालिन सँ हुनकर प्रेम अमर अछि।

दीना-भद्री

मुसहर समुदाय क आराध्य। ई दुनू भाई अपन समाज क रक्षा क लेल अत्याचारी सँ लड़लाह आ देवता रूप मे पूजल जाइत छथि।

लोरिक

वीर लोरिक क गाथा। हुनकर वीरता आ प्रेम-प्रसंग मिथिला क लोकगीत मे गबैत अछि। 'लोरिक नंदन' स्तंभ हुनकर यात्राक गवाह अछि।