मिथिला क ऐतिहासिक गाथा
विदेह साम्राज्य सँ ल क आधुनिक भारत क सांस्कृतिक हृदय तक के एकटा समय यात्रा।
विदेह साम्राज्य (c. 1100–500 BCE)
मिथिलाक इतिहास राजा मिथि द्वारा विदेह साम्राज्यक स्थापनाक संग शुरू होइत अछि। पौराणिक कथाक अनुसार, राजा विदेघ माथव आ हुनकर पुरोहित गौतम राहुगण सरस्वती सँ सदानीरा नदी (गंडक) धरि यज्ञक अग्नि ल' क' आयल छलाह, जे वैदिक सभ्यताक लेल भूमिक शुद्धीकरणक प्रतीक अछि।
एहि साम्राज्य पर ५२ जनकक एक वंशावली शासन कएलनि, जिनका 'राजर्षि' क रूप में जानल जाइत छल, जे आध्यात्मिक ज्ञानक संग प्रशासनक संतुलन बनेलाह। एहि में सबसँ प्रसिद्ध सीरध्वज जनक छलाह, जे माता सीताक पिता छलाह। हुनकर दरबार में याज्ञवल्क्य आ महर्षि गौतम सन महान ऋषिक आगमन भेल, जाहिसँ मिथिला न्याय आ उपनिषदक विचार क वैश्विक केंद्र बनि गेल।
वज्जि संघ
जनक लोकनिक पतन क बाद, मिथिला वज्जि संघ (वज्जि महाजनपद) क हिस्सा बनि गेल, जे दुनिया क सबसँ शुरूआती गणराज्य में सँ एक छल। लिच्छवी सबसँ प्रमुख कुल छलाह, जिनका राजधानी वैशाली छल। एहि युग में लोकतांत्रिक मूल्य क उदय आ बौद्ध आ जैन धर्म क प्रसार भेल।
राजवंश क स्वर्ण युग
कर्नाट वंश (1097–1324 CE)
नान्यदेव द्वारा स्थापित, एहि युग क अक्सर मिथिला क 'स्वर्ण काल' कहल जाइत अछि। एहि में कला, संगीत आ साहित्य क पुनरुत्थान भेल। राजा हरिसिंहदेव कला आ सामाजिक सुधार क संरक्षक छलाह आ हुनका द्वारा पंजी व्यवस्थाक स्थापना कएल गेल।
ओइनिवार वंश (1325–1526 CE)
महान कवि विद्यापति लेल जानल जाइत अछि, जिनका गीत सब क्षेत्र क साहित्यिक पहचान क आकार देलक। शासक मैथिल ब्राह्मण छलाह जे लक्ष्मीनाथ सिंह देवक मृत्यु धरि गहीर सांस्कृतिक वृद्धि क बढ़ावा देलनि।
अराजकताक काल (1526–1577 ई.)
ओइनिवार वंशक पतनक बाद, मिथिला पाँच दशक धरि राजनीतिक अस्थिरता आ कानूनविहीनताक सामना कएलक। एहि युगक अंत तखन भेल जब मुगल सम्राट अकबर महेश ठाकुर केँ ई क्षेत्र प्रदान कएलनि, जाहिसँ खंडवाला वंश (दरभंगा राज) क स्थापना भेल।
राज दरभंगा आ आधुनिकता
खंडवाला राजवंश, वा राज दरभंगा मिथिला केँ आधुनिक युगक दिस आगू बढ़ौलक। महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह एक दूरदर्शी परोपकारी आ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसक संस्थापक सदस्य छलाह। हुनकर उत्तराधिकारी, महाराजा रामेश्वर सिंह बुनियादी ढाँचाक आधुनिकीकरण कएलनि आ भव्य राजनगर परिसरक निर्माण करौलनि।
अंतिम शासक, महाराजा कामेश्वर सिंह, एक प्रमुख उद्योगपति आ संविधान सभाक सदस्य छलाह। आजु, मिथिला अपन साझा भाषा (मैथिली), परंपरा आ जीवंत मधुबनी कलाक माध्यम सँ एकजुट अछि।