मिथिला पेंटिंग
मधुबनी कला क रूप में सेहो जानल जाइत अछि, ई प्राचीन परंपरा हर सतह कें पौराणिक कथा आ प्रकृति क कैनवास में बदलि दैत अछि।
मिथिला क्षेत्र सँ उत्पन्न, ई कला शैली अपन आकर्षक ज्यामितीय पैटर्न लेल जानल जाइत अछि। ऐतिहासिक रूप सँ महिला सब द्वारा अपन घर क ताजा पोतल माटि क देबाल पर कएल जाइत छल, आब ई कपड़ा, हस्तनिर्मित कागज आ कैनवास पर आबि गेल अछि। रंग परंपरागत रूप सँ गाछ-विरिछ सँ लेल जाइत छल: काजर, गेरुआ, हरदि, आ फूल।
भरनी
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अरिपनशैली देखू →चित्रकला सँ आगू: मिथिलाक शिल्प
मिथिलाक कला केवल पेन्टिंग धरि सीमित नहि अछि, ई सिक्की, सुजनी आ गोदना जकाँ शिल्प मे सेहो रचल-बसल अछि।