साहित्य आ विद्वान

विद्यापति

'मैथिल कोकिल' क रूप में प्रसिद्ध, ओ मैथिली साहित्यक स्तंभ छथि। हुनकर भक्ति आ श्रृंगारक गीत (पदावली) आजुओ मिथिलाक सांस्कृतिक आत्मा अछि।